मैं ही सलाम करता चलूँ

इधर आया था तो सोचा एहतराम करता चलूँ आप तो करोगे नहीं मैं ही सलाम करता चलूँ दोस्तों से मिलना और उनका हाल पूछ लेना अगर ये काम है तो चलो ये काम करता चलूँ बडे दिनों से मुझे करनी थी आपसे कुछ बातें वक्त हो गर तो कहो वो बातें तमाम करता चलूँ बडी … Continue reading मैं ही सलाम करता चलूँ

बस बन के वो नादान बैठे हैं

भरी महफिल में भी लेकर वो तीर कमान बैठे हैं अजी  नादाँ  नहीं  बस  बन के वो नादान बैठे हैं हमीं ने न दिया मौका उन्हें कोई जान लेने का वरना कब से हमीं पर वो निशाना तान बैठे हैं उधर वो बैठे हैं पूरी होती कुछ ख्वाहिशों के संग इधर  हम  लेके  सुलगते  हुए  अरमान … Continue reading बस बन के वो नादान बैठे हैं

हँसकर मिला करिए

कोई शिकवा शिकायत हो तो फिर हमसे गिला करिए अरे जब भी मिला करिए तो हँसकर ही मिला करिए अगर  डर  है  जमाने   का कि  कोई सुन  न ले   बातें तो फिर चलिए नजर से गुफ्तगू का सिलसिला करिए जमाना  बात  ही  मुरझाने  वाली  करता  है  अक्सर अरे पर आप तो गुल हो तो बस … Continue reading हँसकर मिला करिए

मुस्कुराना जिन्दगी है

गम़ में नगमें गुनगुनाना जिन्दगी है हाँ ये सच है मुस्कुराना जिन्दगी है हम तो कहते हैं कि जो रूठे हुए हैं बस उन्हीं को ही मनाना जिन्दगी है जंग जब अपनों से ही होने लगे तो मेरी समझ से हार जाना जिन्दगी है करके अपने वाले हर इक काम पूरे औरों के भी काम … Continue reading मुस्कुराना जिन्दगी है

Itslovein

दिल तोडने वाले शुक्रिया तेरा

अरे मुँह मोडने वाले बहुत ही शुक्रिया तेरा मेरा दिल तोडने वाले बहुत ही शुक्रिया तेरा मुझे झूठी मतलबी बेवफा बेदर्द दुनिया में तडपता छोडने वाले बहुत ही शुक्रिया तेरा अजी गैरों की खुशियों के लिए अपनों का रिश्ता गमों से जोडने वाले बहुत ही शुक्रिया तेरा गरीबी की वजह से छोड के मुझको अरे … Continue reading दिल तोडने वाले शुक्रिया तेरा

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मेरा कसूर क्या है

रूठने की वजह बताओ ऐ हुजूर क्या है चाहने के शिवा तुमको मेरा कसूर क्या है नहीं है मुझको तजुर्बा अगर तो क्या जानू शऊर क्या है मोहब्बत में बेशऊर क्या है जब से जाना है बस तुम्हीं को जाना मैनें मैं नहीं जानता परी क्या है और हूर क्या है जब से देखा है … Continue reading मेरा कसूर क्या है

बेतकदीर हूँ बरसों से

ठहरो आंखों में तुम्हारी तस्वीर बना लूं मैं बेतकदीर हूँ बरसों से तकदीर बना लूं मैं कोई छीन नहीं पाए मुझसे तेरी चाहत तुझको ऐसे हाथों की लकीर बना लूं मैं जब तक है जाँ में जाँ तू मेरी ही रहना आ जा तुझको अपनी जागीर बना लूँ मैं चाहूँ तुझको शीरी फरहाद से भी … Continue reading बेतकदीर हूँ बरसों से

दिल की आरजू

दिल की आरजू है एक दिन तेरा होऊँ भूल कर ये दुनिया तेरी बाहों मैं सोऊँ अपने आप में तू मुझको ऐसे समा ले जब जब तू हँसे हँसू तेरे रोने से रोऊँ सारा सारा दिन तेरे खयालों में रहूँ मैं सारी सारी रात तेरे सपने सजोऊँँ खो जाए मेरा सब कुछ मंजूर है मुझे … Continue reading दिल की आरजू

ये प्यार के मसले हैं

न गुस्से से पूरे होंगे न जिद से मुकम्मल होंगे अजी ये प्यार के मसले हैं प्यार से हल होंगे अगर हो देखनी जन्नत तो अपनों के संग बैठेंं जो अपनों संग बीतेंगे वही जन्नत के पल होंगे कैसे बचेगी दुनिया और दुनिया में मोहब्बत भाई के हाथों यूँ ही गर भाई के कतल होंगे … Continue reading ये प्यार के मसले हैं

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चराग बुझते रहे और हम जलाते रहे

लाखों तूफान मेरा सब्र आजमाते रहे चराग बुझते रहे और हम जलाते रहे तोडने वालों ने तो कोशिश हजार की दर्द सहकर हम हर रिश्ता निभाते रहे हम करते रहे अपना काम ठीक से उडाने वाले बेशक मजाक उडाते रहे बोलियों से दिल पे चोट करते रहे लोग और हम थे कि सुनते रहे मुस्कुराते … Continue reading चराग बुझते रहे और हम जलाते रहे