दीवाली की शुभकामनाएं

मन में बैठे झूठ के अंधियारे को मिटाते हैं आओ मिलकर सच का ऐसा दीप जलाते हैं यूँ तो सजाते हैं घर माँ लक्ष्मी के स्वागत को इस बार चलो मन का मन्दिर शुद्ध बनाते हैं रंगोली के रंगों सा रंग भर जाए जीवन में चलो प्रेम से हम अपने रिश्तों को सजाते हैं अपने … Continue reading दीवाली की शुभकामनाएं

तू पार कर देना

मइया मेरे ऊपर भी इक उपकार कर देना जब कभी भँवर में अटकूँ तो तू पार कर देना  रक्षक है तू दुनिया भर की जानता हूँ मैं अपनी कृपा तू मुझपे भी इक बार कर देना  देना हमें आशीष कि आगे बढें हम भी सुख शान्ति के सपनों को साकार कर देना  जब हारने लगे … Continue reading तू पार कर देना

अपनी रक्षा स्वयं करो

कृष्ण बचाने आएंगे अब  दूर ये अपना वहम करो हे भारत की द्रौपदियों अब अपनी रक्षा स्वयं करो याद करो धृतराष्ट्र का वो  दरबार जहाँ तुम रोई  थी आँखें खुली थी सबकी लेकिन अन्तरात्मा सोई थी एक से बढकर एक वीर थे  वैसे तो कहलाने को पर कोई आगे ना आया  लुटती लाज बचाने को … Continue reading अपनी रक्षा स्वयं करो

वो बेवफा

उसने अपनी मजबूरियां बताई नहीं मुझे शायद हमारे दिलों के बीच कुछ जगह रही होगी उसे इतनी जल्दी बेवफा न कहो दोस्तों आखिर उसकी बेवफाई की कुछ वजह रही होगी परदे में छुपे राज़ अब सरेआम ना करो उसे दर्द पहुंचे ऐसा कोई  काम ना करो मैं मानता हूँ उसने बेवफाई की ही हैपर उसे … Continue reading वो बेवफा

मैं ही सलाम करता चलूँ

इधर आया था तो सोचा एहतराम करता चलूँ आप तो करोगे नहीं मैं ही सलाम करता चलूँ दोस्तों से मिलना और उनका हाल पूछ लेना अगर ये काम है तो चलो ये काम करता चलूँ बडे दिनों से मुझे करनी थी आपसे कुछ बातें वक्त हो गर तो कहो वो बातें तमाम करता चलूँ बडी … Continue reading मैं ही सलाम करता चलूँ

बस बन के वो नादान बैठे हैं

भरी महफिल में भी लेकर वो तीर कमान बैठे हैं अजी  नादाँ  नहीं  बस  बन के वो नादान बैठे हैं हमीं ने न दिया मौका उन्हें कोई जान लेने का वरना कब से हमीं पर वो निशाना तान बैठे हैं उधर वो बैठे हैं पूरी होती कुछ ख्वाहिशों के संग इधर  हम  लेके  सुलगते  हुए  अरमान … Continue reading बस बन के वो नादान बैठे हैं

मैं रहूं न रहूं मेरा भारत रहे

जब तलक इस जमाने में चाहत रहे दुश्मनों के जिगर में तिजारत रहे जब तलक हो जमीं जब तलक हो गगन मैं रहूं न रहूं मेरा भारत रहे मेरा भारत रहे ऐसा माहौल हो हिन्दुस्तान में भाईचारा हो इंसान इंसान में  जाति और धर्म के नाम  पर न बँटें अपने कर्तव्य से पीछे भी न … Continue reading मैं रहूं न रहूं मेरा भारत रहे

हँसकर मिला करिए

कोई शिकवा शिकायत हो तो फिर हमसे गिला करिए अरे जब भी मिला करिए तो हँसकर ही मिला करिए अगर  डर  है  जमाने   का कि  कोई सुन  न ले   बातें तो फिर चलिए नजर से गुफ्तगू का सिलसिला करिए जमाना  बात  ही  मुरझाने  वाली  करता  है  अक्सर अरे पर आप तो गुल हो तो बस … Continue reading हँसकर मिला करिए

तो अच्छा हो

महामारी का ये दानव जो मर जाए तो अच्छा हो बुरा यह दौर दुनिया से गुजर जाए तो अच्छा हो नहीं अच्छा कि घर में बैठे भारत का जवां इसान कमाने के लिए ये फिर शहर जाए तो अच्छा हो प्रकृति द्वारा दिए उपहारों से खिलवाड़ न हो अब अरे अब भी अगर इंसाँ सुधर … Continue reading तो अच्छा हो

मुस्कुराना जिन्दगी है

गम़ में नगमें गुनगुनाना जिन्दगी है हाँ ये सच है मुस्कुराना जिन्दगी है हम तो कहते हैं कि जो रूठे हुए हैं बस उन्हीं को ही मनाना जिन्दगी है जंग जब अपनों से ही होने लगे तो मेरी समझ से हार जाना जिन्दगी है करके अपने वाले हर इक काम पूरे औरों के भी काम … Continue reading मुस्कुराना जिन्दगी है