गज़ल, गीत, दिल की बातें

दिल की आरजू

दिल की आरजू है एक दिन तेरा होऊँ
भूल कर ये दुनिया तेरी बाहों मैं सोऊँ
अपने आप में तू मुझको ऐसे समा ले
जब जब तू हँसे हँसू तेरे रोने से रोऊँ
सारा सारा दिन तेरे खयालों में रहूँ
मैं सारी सारी रात तेरे सपने सजोऊँँ
खो जाए मेरा सब कुछ मंजूर है मुझे
मंजूर नहीं है कभी तुझको मैं खोऊँ
हों पूरी ख्वाहिशें सोचके ये रोज रोज
हर आरजू के मोती दुवाओं में पिरोऊँ
दिल की आरजू है एक दिन तेरा होऊँ
भूल कर ये दुनिया तेरी बाहों मैं सोऊँ