भरोसा बना के रखिए

भरोसा वह चीज है जिसे बनाने में बरसों लग जाते हैं  लेकिन टूटने मे एक पल भी नहीं लगता इसलिए अगर हमपे कोई भरोसा करता है तो उसके साथ धोखा नहीं करना चाहिए और जो हमें एक बार धोखा दे दे उसपे कभी भी पूरी तरह भरोसा नहीं करना चाहिए याद रखिए जिन्दगी का एक … Continue reading भरोसा बना के रखिए

तेरे बिन सफर, सफर नहीं

यूँ तो तेरे बगैर भी चल सकता हूँ.... मगर नहीं तेरे बिन कठिन हैं रास्ते तेरे बिन सफर सफर नहीं माना कि वक्त कम ही तुझे देता हूँ मैं आजकल पर तूने कैसे ये कह दिया मुझको तेरी कदर नहीं बनकर के लफ्ज़ रहती हो मेरी हर शायरी में तुम कोई दास्तां नहीं मेरी जिसमें तुम्हारा जिकर … Continue reading तेरे बिन सफर, सफर नहीं

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जब तुम मन्द मन्द मुस्काती हो

सूखे सूखे अधरों पर अमृत की बूँदें गिराती हो जब तुम मन्द मन्द मुस्काती हो.. चलते चलते यूं ही जब जब मेरे कदम रुक जाते हैं जब जब जीवन के अंधियारे आकर मुझे सताते हैं आशाओं के न जाने कितने ही दीप जलाती हो जब तुम मन्द मन्द मुस्काती हो.. दिल को दुखाने वाले हादसे … Continue reading जब तुम मन्द मन्द मुस्काती हो

वो बेवफा

उसने अपनी मजबूरियां बताई नहीं मुझे शायद हमारे दिलों के बीच कुछ जगह रही होगी उसे इतनी जल्दी बेवफा न कहो दोस्तों आखिर उसकी बेवफाई की कुछ वजह रही होगी परदे में छुपे राज़ अब सरेआम ना करो उसे दर्द पहुंचे ऐसा कोई  काम ना करो मैं मानता हूँ उसने बेवफाई की ही हैपर उसे … Continue reading वो बेवफा

मैं ही सलाम करता चलूँ

इधर आया था तो सोचा एहतराम करता चलूँ आप तो करोगे नहीं मैं ही सलाम करता चलूँ दोस्तों से मिलना और उनका हाल पूछ लेना अगर ये काम है तो चलो ये काम करता चलूँ बडे दिनों से मुझे करनी थी आपसे कुछ बातें वक्त हो गर तो कहो वो बातें तमाम करता चलूँ बडी … Continue reading मैं ही सलाम करता चलूँ

बस बन के वो नादान बैठे हैं

भरी महफिल में भी लेकर वो तीर कमान बैठे हैं अजी  नादाँ  नहीं  बस  बन के वो नादान बैठे हैं हमीं ने न दिया मौका उन्हें कोई जान लेने का वरना कब से हमीं पर वो निशाना तान बैठे हैं उधर वो बैठे हैं पूरी होती कुछ ख्वाहिशों के संग इधर  हम  लेके  सुलगते  हुए  अरमान … Continue reading बस बन के वो नादान बैठे हैं

हँसकर मिला करिए

कोई शिकवा शिकायत हो तो फिर हमसे गिला करिए अरे जब भी मिला करिए तो हँसकर ही मिला करिए अगर  डर  है  जमाने   का कि  कोई सुन  न ले   बातें तो फिर चलिए नजर से गुफ्तगू का सिलसिला करिए जमाना  बात  ही  मुरझाने  वाली  करता  है  अक्सर अरे पर आप तो गुल हो तो बस … Continue reading हँसकर मिला करिए

तो अच्छा हो

महामारी का ये दानव जो मर जाए तो अच्छा हो बुरा यह दौर दुनिया से गुजर जाए तो अच्छा हो नहीं अच्छा कि घर में बैठे भारत का जवां इसान कमाने के लिए ये फिर शहर जाए तो अच्छा हो प्रकृति द्वारा दिए उपहारों से खिलवाड़ न हो अब अरे अब भी अगर इंसाँ सुधर … Continue reading तो अच्छा हो

मुस्कुराना जिन्दगी है

गम़ में नगमें गुनगुनाना जिन्दगी है हाँ ये सच है मुस्कुराना जिन्दगी है हम तो कहते हैं कि जो रूठे हुए हैं बस उन्हीं को ही मनाना जिन्दगी है जंग जब अपनों से ही होने लगे तो मेरी समझ से हार जाना जिन्दगी है करके अपने वाले हर इक काम पूरे औरों के भी काम … Continue reading मुस्कुराना जिन्दगी है

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हमने तो बस इतना पूछा था..

बहुत छोटी सी बात थी  उन्होंने बवाल बडा कर दिया हमने तो  बस इतना पूछा था  कि कहाँ व्यस्त थे उन्होंने तो हमारी वफा पर  सवाल खडा कर दिया क्या अब उनका दिल हमारे लिए  धडक नहीं रहा या हमको उनसे कुछ पूछने का  हक नहीं रहा झूठी निकलती जा रही हैं वफाओं की बातें … Continue reading हमने तो बस इतना पूछा था..