ख्वाहिश है सब खोकर तुझको पाने की

चाहत है किस्मत को आजमाने की
ख्वाहिश है सब खोकर तुझको पाने की
समझ ले मेरी बातों को जजबातों को
और छोड दे आदत बेवजह तडपाने की
डर है तू नाराज कहीं न हो जाए
बाकी अब परवाह नही है जमाने की
धडकन बन के दिल में आज समा जा तू
या बन के शमा तू लेले जां परवाने की
और कोई देनी है सजा तो दे देना
लेकिन बात न करना अब दूर जाने की
चाहत है किस्मत को आजमाने की
ख्वाहिश है सब खोकर तुझको पाने की