अच्छा सिला दिया

उसने मेरी वफाओं का अच्छा सिला दिया

अपना बना के खाक में मुझको मिला दिया

जिसको हँसाने के लिए दुनिया से लडा मैं

उसने ही दुनिया के लिए मुझको रुला दिया

जाने क्यों एक बार में सब खत्म कर गया

न तो कोई शिकायत की न ही गिला किया

लेते समय तो ले लिया सबसे छुपा के दिल

अब तोडने लगा तो क्यों सबको बता दिया

वो बेवफाई कर गया मुझे ये गम नहीं मगर

दुनिया को मुझपे हँसने का मौका दिला दिया

मुझे भूलने में ही अगर पाता है खुशियां वो

तो कह दे कोई कि मैनें भी उसको भुला दिया

उसने मेरी वफाओं का अच्छा सिला दिया

अपना बना के खाक में मुझको मिला दिया